Friday, 26 July 2013
FOODY
वाह ! किया खाना है मजा आ गया !! भाई पुत्र की प्राप्ति पर बधाई हो ,बधाई हो लक्ष्मी जी का आगवान हुआ है ,भोज देना पड़ेगा ,समधी जी बारात का स्वागत दिल खोल कर कीजियेगा या फिर यह सुनते हैं की डील हो जायेगा तो पार्टी देंगे , अरे खिलाओ काम हो जायेगा यानि बिना भोज ,खाना ,पार्टी का कुछ नहीं होता क्योंकि आदमी का सबसे प्यारा फ़ूड है और जरुरत भी . हम सभी फूडी हैं l किसी के आत्मा की प्रसन्नता अच्छे भोजन से ही मिलती है l हर अवसर पर दिल खोल कर खायें और खिलाएं lमैं तो कहूँगा कि खिलाने का अवसर बनायें l भूखे को भरपेट ,पंडित को दही - मिठाई पवित्र पूर्वक खिलाने से पुन्य की प्राप्ति होती है l कोई भी आयोजन भोजन के बिना सम्भव नहीं है ,मनुष्य को सबसे ज्यादे संतुष्टि भोजन से ही मिलती है ,भोजन मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं मांसहारी और शाकहारी l दोनों रहे और भोज के उतर्राध्य में दही ,मिठाई ,आम ,अमावट,खीर /पायस,शिरखंड,केला और अंत में आइसक्रीम हो तो फिर कहना ही किया l हमारी दिनचर्या नाश्ते से शरू होकर ,लंच ,स्नैक ,डिनर और सपर यानि जागने से लेकर सोने तक खाने की पूरी रुटीन हीं तो है lआप यदि अच्छे मेजवान हैं और दुसरे को खिलाने का तरीका और सलिका जानते हैं तो आप सबसे सफल होंगे lपूरे विश्व में खाने का कारोबार से बड़ा कोई कारोवार नहीं होता l आजकल यह चर्चा है कि ५ से १२ रुपये में भरपेट भोजन मिल सकता है भाई भारत जैसे देश में इसमें अचरज किया है यदि आप सामाजिक प्राणी हैं दुसरे के ख़ुशी और दुःख में शामिल रहते हैं तो आप बिना पैसा खर्च के छक कर भोजन कर सकते हैं ये भारत देश है जहाँ हर अवसर पर भोज खिलने की प्रथा है l
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