ईद मुबारक
आज ईद है ,सबेरे उठ कर फेसबुक खोला और अपने कुछ मित्रों को ईद का
मुबारकवाद दिया ,मेसेज देखा मेरे बचपन के एक मित्र का था फिर दोनों मित्र
मोबाइल पर काफी देर तक बातें की वे रात में ही भारत आये हैं जानकर ख़ुशी हुई
कि वे कुछ ही वर्षों में अपने गाँव /होम टाउन में आकर खेतीवारी करेंगे
,खेती में उन्हें काफी अनुभव है और देश -विदेश की खेती को नजदीक से देखने
और खुद का भी फार्म का अनुभव है l मैंने भी शीघ्र गाँव /होम टाउन जाने की
मंशा जतायी उन्होंने प्रसन्नता दिखाते हुए साथ साथ गाँव में खेतीवाड़ी करने का भरोसा दिलाया मुझे जैसे लगा कि मेरी मुराद मील गई सही में मुझे तो ईद का चाँद मील गया l
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