रिसर्च इंस्टिट्यूट की भू संरचना तो देखने लायक है बागमती नदी से घिरा ५२ एकड़ का यह कैंपस सही में शोध के लिए स्वतः प्रेरित करता है ,नदी के दुसरे तट पर सती स्थान का झेत्र आपको सांसारिक ज्ञान से दूर ले जाता हुआ महसूस होगा इस जगह की मनोरम सुन्दरता , आम का बगीचा ,मंदिर मन मोह लेता है इसी तरह सी एम कालेज जो बागमती नदी के पूर्वी तट पर है और दुसरे तट से सटा खेल के मैदान में खेल का आनंद आपको हमेशा आने को कहेगा .इसी तरह माधवेश्वर का तालाव जिसके चारों ओर मंदिर है वस्तुतः ये मंदिर दरभंगा राज के महाराजों के चिता पर बने हैं जिसमे महाराजाधिराजा रामेश्वर सिंह जो खुद भारत के एक महान साधक थे , की चिता पर रामेश्वरी श्यामा मंदिर काफी प्रख्यात है इसी तरह महाराजा लक्ष्मिश्वर सिंह की चिता पर तारा मंदिर , महाराजा रुद्रेश्वर सिंह ( महाराजा रामेश्वर सिंह और लक्ष्मिश्वर सिंह के पितामह ) के नाम पर काली और अंतिम महाराजा कामेश्वर सिंह की चिता पर काली(कामेश्वरी श्यामा ) मंदिर है ,हाँ श्यामा मंदिर के समीप अंतिम राजमाता जी के चिता पर लाल पत्थर का अन्नपूर्णा मंदिर है जहाँ पूजा करने से संतान की प्राप्ति होती है महाराज लक्ष्मिश्वर सिंह को संतान नहीं था उनके छोटे भाई महाराज हुए उनके पहली पत्नी से संतान नहीं हुआ तब किसी पहुंचे हुए साधक के कहने पर महराजा की दूसरी शादी हुई जिससे महाराजा रामेश्वर सिंह को तीन संतान हुआ दो पुत्र और एक पुत्री। राजमाता जी माँ अन्नपूर्णा की अवतार थी l माधवेश्वर प्रांगन में महादेव मंदिर है जो चित पर नहीं है और सबसे प्राचीन है l तालाब के चारों ओर परिकरमा करने का अपना ही महत्व है लगेगा ही नहीं की आप शमशान में है वस्तुतः अब तो यह प्रांगन तीर्थ स्थल का रूप ले लिया है कभी श्यामा मंदिर के सामने घंटाघर का घंटा रात के आरती के समय बजते ही सियार दौर पड़ते थे और भूकते थे l दरभंगा रेलवे स्टेशन से दरभंगा मेडिकल कॉलेज / हॉस्पिटल तक एक सीध में तीन तालाव हराही, दिग्ही,और गंगासागर आकाश से भी देखने से आपको आकर्षित करेगा आनंदबाग महल के पीछे की तालाव जिसमे कभी दो मोटर बोट चला करता था आपको केरल की याद दिलाएगी ,इसी तरह दरभंगा में अनगिनित तालाब हैं जिसमे आप फिशिंग के साथ आनंद ले सकते हैं l मोती महल स्थित तालाब तांत्रिक साधना के लिए है इस तालाब का जाठ बीच मे नहीं है l आनंदबाग महल के सामने की तालाब की आकृति भारत के नक़्शे के तरह है इसी तरह नारगोना पैलेस के पूरब में स्थित तालाब में महाराजा स्विमिंग किया करते थे बेहतरीन स्विमिंग ट्रैक था जिसका अवशेष अभी भी है l शहनाई के महान वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की अंतिम इच्छा दरभंगा के तालाब में स्नान की थी जहाँ बचपन में वे स्नान करते थे lपग - पग पोखर माछ मखान को चिरतार्थ करता मिथिला का यह सुंदर शहर दरभंगा जल संसाधन से भरपूर है l इसे तालाबों का शहर कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है l दरभंगा में १००० वर्ष पुराने तालाब हैं l
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