भारत के रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर ने देश में निर्मित हल्का लड़ाकू विमान वायु सेना को सुपुर्द करने पर हम सभी गौरवान्वित मह्शूस करते हैं। भारत चीन- युद्ध में भी दरभंगा एविएशन ने अपनी विमान देश को सौंपा था आज एकवार फिर भारत के लाईट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट 'तेजस' बनाने के प्रोजेक्ट डायरेक्टर तथा एयरोनौटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के पूर्व निदेशक, श्री मानस बिहारी वर्मा जो अवकाश प्राप्त करने के बाद दरभंगा में रहते हैं को अपने बीच पाकर हम गौरवान्वित हैं। वे राष्ट्रपति कलाम के पूर्व सहकर्मी तथा मित्र रहे हैं तथा अभी कलाम के एन जी ओ 'विकसित भारत फौंडेशन' के माध्यम से दरभंगा, मधुबनी तथा सुपौल के ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा ६ से १२ में पढने वाले बच्चों में विज्ञान की शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु काम कर रहे हैं। इस कार्य हेतु वे तीन मोबाइल साइंस लैब तथा छह इंस्ट्रक्टर की मदद लेते हैं। वे महाराजा कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन से भी जुड़े हैं।कुछ महीने पूर्व फाउंडेशन के तरफ से मूक और वधिर विद्यालय ,कामेश्वरी प्रिया पुअर होम में कम्बल वितरित करते हुए हम उन्हें देख चुके हैं। महाराजा कामेश्वर सिंह की जन्मदिन समारोह में भी वे डा. बिन्देश्वर पाठक जी के साथ समारोह में उपस्थित थे।
Saturday, 17 January 2015
Thursday, 15 January 2015
RAJNEGAR.
१९३४ के भूकम्प की सबसे बड़ी त्रासदी राजनगर ने हीं झेला। भारत के हिन्दू राजा -महाराजों के अध्यात्मिक गुरु दरभंगा के महाराजाधिराज एवं भारत के महान साधक द्वारा कमला नदी के किनारे मंदिरों और तालाबों से युक्त शानदार महलें जिसकी एक -एक ईंट हिन्दू वैभव को दर्शाता था ताश के महल की तरह धराशाई हो गयी। मुख्य महल में प्रवेश दुर्गा हॉल होकर था जिसमे दुर्गाजी की सुन्दर संगमरमर मूर्ति थी ,शानदार दरवार हॉल था उससे सटे ड्राइंग रूम उत्तर में गणेश भवन। महल का सबसे पुराना हिस्सा बड़ा कोठा कहलाता था। मंदिर के तरफ शिव मंदिर जो की दक्षिण भारतीय मॉडल का था ,उसीतरह सूर्य मंदिर ,सफ़ेद संगमरमर की काली मंदिर जिसके जैसा पुरे प्रान्त में नहीं था ,अर्धनारीश्वर मंदिर ,राजराजेश्वरी मंदिर ,गिरजा मंदिर। कंपाउंड से बाहर सचिवालय बिल्डिंग। नदी के किनारे सुन्दर पक्का घाट। महाराजा रामेश्वर सिंह ने अपने इस ड्रीम लैंड में करोड़ों रुपये से अधिक पौराणिक कला और संस्कृति को दर्शाने के लिए खर्च किये थे। देश के बिभिन्न कोने से आनेवाले इस स्वर्गिक जगह को देखकर प्रशंषा करते नहीं थकते थे। १५ जनबरी १९३४ के दोपहर २ बज कर ४५ मिनट पर यह सपना सा हो गया।अभी भी इसके मंदिर और भग्नावशेष देखते हीं बनता है। मधुबनी जिला मुख्यालय से राजनगर सड़क मार्ग से जुड़ा है ।
Friday, 9 January 2015
Thursday, 19 December 2013
Right to Recall
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और उसे मिला समर्थन जिसने भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़े पार्टी बनने के बाद भी जहाँ सरकार बनाने से न बल्कि रोक दी साथ हीं कोंग्रेस को चुनाव में भारी शिकस्त दी ,फिर कोंग्रेस ने बिना शर्त समर्थन देकर आप को सत्ता लेने की पेशकस कर दी ऐशी स्थिति में जिस तरह जनता से रेफरेंडम लेने की नयी तरीका आप द्वारा अपनायी जा रही है मुझे उम्मीद है कि कल को हो कर रेफरेंडम लेने का यही तरीका राईट टू रिकॉल का मार्गप्रशस्त करेंगे जिसकी मांग कभी जय प्रकाश नारायण जी ने कही थी। राईट टू रिकॉल किस तरह कार्यरूप में आ पायेगा इस पर राजनितिक विद्वानो में भी चिंतन रहा है साथ ही यह आमजन के मानस में भी है ।आज भले हीं यह अटपटा लग रहा हो लेकिन पहली बार किसी राजनितिक दल ने निर्णय लेने की प्रक्रिया में जनता को चुनाव वा सरकार बनाने के अतरिक्त सहभागी बनाया है. प्रजातंत्र में जनता की सहभागिता पांच साल में एकवार का इवेंट नहीं है। सुचना क्रांति के इस युग में प्रभावकारी ई - गवर्नेस आनेवाले दिनों में प्रभावकारी रहेंगे। राजनितिक पंडित भी मानते रहे हैं कि लिए जाने वाले निर्णय में लोगों को भी सहभागी बनाया जाय जो कोशिश कर रहे हैं उनका उपहास उचित नहीं होगा । हमें नहीं भूलना चाहिए कि पहलीवार १९७७ में आमलोगों के बीच शपथ समारोह कि गयी ,फिर कुछ सरकारें ने कैबिनेट कि मीटिंग राज्य मुख्यालय से बहार की ,लालू प्रसादजी खेत और खलिहान में संसद कि बात कर रहे है और श्री राजीव गांधी ने कुछ दिन पहले जनता से जोड़ने कि बात कही है यह सभी यह दर्शाता है कि प्रजातंत्र में जनता से नजदीकी स्थापित होना जरुरी है यह संपर्क निरंतर हो मात्र पांच साल में एकवार का न हो।
Wednesday, 18 December 2013
जनप्रतिनिधियों का जनता से जुड़ा रहना जरुरी है तभी वे जनता कि समस्याओं और बेहतरी के लिए उसे सरकार के नजर में ला सकते हैं और सच्चे जनप्रतिनिधि का फर्ज निभा सकते हैं , अब वेतन भोगी जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह होना है इसके लिए साल में कम-से कम १०० दिन अपने क्षेत्र में रहना ,जनसम्पर्क कर लोगों कि समस्या को देखना और सुनना ,इन समस्याओं के समाधान हेतु स्थानिय प्रशासन से मिलना आदि साथ ही अपने वेबसाइट पर किये गये कार्यों को अपडेट करना और सीधे और fb के माध्यम से जनता के संपर्क में रहना जरुरी है ,आमजन अब वेतन और सुबिधाभोगी प्रतिनिधियों का कार्य देखना चाहती है ,सभी दल को इसे सुनिश्चित करना चाहिए तभी लोगों का विश्वास राजनितिक दलों पर मजबूत होगा।
Monday, 12 August 2013
कल नागपंचमी है उसदिन नाग देवता की पूजा की जाती हैl नागनाथ सांपों के राजा हैं धरती के सबसे विषैला जीव का राजा ! इनका डंसा पानी भी नहीं मांगता l भला ऎसे जीव की पूजा अर्चना से ही प्राणी की रझा हो सकती है उन्हें नागपंचमी के दिन दूध -लावा देकर प्रसन्न करते हैं हमलोग l सांप देवता हम लोगों की पूजा स्वीकार करते हैं और रझा करते हैं l हे नागदेवता ! हमें हमारे नागनाथ और सांपनाथ से रझा करना प्रभु !!
Friday, 9 August 2013
ईद मुबारक
ईद मुबारक
आज ईद है ,सबेरे उठ कर फेसबुक खोला और अपने कुछ मित्रों को ईद का मुबारकवाद दिया ,मेसेज देखा मेरे बचपन के एक मित्र का था फिर दोनों मित्र मोबाइल पर काफी देर तक बातें की वे रात में ही भारत आये हैं जानकर ख़ुशी हुई कि वे कुछ ही वर्षों में अपने गाँव /होम टाउन में आकर खेतीवारी करेंगे ,खेती में उन्हें काफी अनुभव है और देश -विदेश की खेती को नजदीक से देखने और खुद का भी फार्म का अनुभव है l मैंने भी शीघ्र गाँव /होम टाउन जाने की मंशा जतायी उन्होंने प्रसन्नता दिखाते हुए साथ साथ गाँव में खेतीवाड़ी करने का भरोसा दिलाया मुझे जैसे लगा कि मेरी मुराद मील गई सही में मुझे तो ईद का चाँद मील गया l
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