Monday, 4 May 2015

सोशल इंजीनियरिंग
यह शब्द शब्द आजकल राजनीति सच कहें तो वोट बैंक पॉलिटिक्स का मुख्य तकनिकी है जिसे समाजवादियों ने जाना .इससे पहले भी इसका चलन था लेकिन खुलकर नहीं . कांग्रेस का वोट बैंक दलित ,मुसलमान और उच्च जाति का था और इसी सोशल इंजीनियरिंग के बदौलत कई दशक तक सत्ता पर काबिज रही .मुसलमान का मोहभंग होने पर उसका झुकाब समाजवादियों के तरफ गया फिर समाजवादियों में बिखराव होने के बाद वोट बैंक बनाने के लिए इस इंजीनियरिंग का प्रयोग का आम चलन हो गया . माय का  उद्घोष के बाद उसके तोड़ हेतु कोई  बाप का घोषणा करता लेकिन तकनिकी कोई मिल नहीं पा रहा था तभी ओबीसी ,पसमिन्दा,महादलित का  गढ़जोर पर आकर मामला हल होते दिखा लेकिन इसकी हवा निकल गयी अब फिर कमोबेस माय का समीकरण .सोशल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर का कहना है कि निकट भविष्य में एक नये समीकरण की खोज सामने आयेगी .वह होगा वंचित और शोषित समाज यानि जिन्हें देश के आज़ादी के बाद उलाहना देते हुए सरकार से  वंचित रखने का प्रयास हुआ वे जो भी आगे बढे अपनी  किस्मत से.l वहीँ शोषित समाज यानि मध्यम वर्ग जिससे टैक्स तो असुला जाता है लेकिन कोई सुबिधा नहीं मिलती . सुविधा के लिए अतरिक्त सुविधा शुक्ल अपनी खर्च में कटौती कर देनी पड़ती है .

Saturday, 7 February 2015

Political Crisis in Bihar

Bihar CM Jitan Ram Manjhi Cabinet recommend to desolve the assembly 21 Minister were against & 7 are in favor.This resolution bring by Narendra Singh .Birshen Patel .Sahid Ali Khan. Nitish Mishra.Binay Bihari. Mahachandra Prasad Singh .Bhim Singh were in favour.Smarat Choudhry.

Saturday, 17 January 2015



भारत के रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर  ने देश में निर्मित हल्का लड़ाकू विमान वायु सेना को सुपुर्द करने पर हम सभी गौरवान्वित मह्शूस करते हैं। भारत चीन- युद्ध में भी दरभंगा एविएशन ने अपनी विमान देश को सौंपा था  आज एकवार  फिर  भारत के लाईट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट 'तेजस' बनाने के प्रोजेक्ट डायरेक्टर तथा एयरोनौटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के पूर्व निदेशक, श्री  मानस बिहारी    वर्मा  जो अवकाश प्राप्त करने के बाद दरभंगा में रहते हैं को अपने  बीच पाकर हम   गौरवान्वित हैं।  वे राष्ट्रपति कलाम के पूर्व सहकर्मी तथा मित्र रहे हैं तथा अभी कलाम के एन जी ओ 'विकसित भारत फौंडेशन' के माध्यम से दरभंगा, मधुबनी तथा सुपौल के ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा ६ से १२ में पढने वाले बच्चों में विज्ञान की शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु काम कर रहे हैं। इस कार्य हेतु वे तीन मोबाइल साइंस लैब तथा छह इंस्ट्रक्टर की मदद लेते हैं। वे महाराजा कामेश्वर सिंह  कल्याणी फाउंडेशन से भी जुड़े हैं।कुछ महीने पूर्व फाउंडेशन के तरफ से मूक और वधिर विद्यालय ,कामेश्वरी प्रिया पुअर होम में कम्बल  वितरित करते हुए हम उन्हें  देख चुके हैं। महाराजा कामेश्वर सिंह की जन्मदिन समारोह में भी वे डा. बिन्देश्वर पाठक जी के साथ समारोह में उपस्थित थे।  

Thursday, 15 January 2015

RAJNEGAR.

१९३४  के भूकम्प की सबसे बड़ी त्रासदी राजनगर ने हीं झेला। भारत के हिन्दू राजा -महाराजों के अध्यात्मिक गुरु दरभंगा के   महाराजाधिराज एवं भारत के महान साधक द्वारा कमला नदी के किनारे मंदिरों और तालाबों से युक्त शानदार महलें जिसकी एक -एक ईंट हिन्दू वैभव को दर्शाता था  ताश के महल की तरह धराशाई हो गयी। मुख्य  महल में प्रवेश दुर्गा हॉल  होकर था जिसमे  दुर्गाजी की सुन्दर संगमरमर  मूर्ति थी ,शानदार दरवार हॉल था उससे सटे ड्राइंग रूम उत्तर में गणेश  भवन। महल का सबसे पुराना हिस्सा बड़ा कोठा कहलाता था। मंदिर के तरफ शिव मंदिर जो की दक्षिण भारतीय मॉडल  का था ,उसीतरह सूर्य मंदिर ,सफ़ेद संगमरमर की काली मंदिर जिसके जैसा पुरे प्रान्त में  नहीं था ,अर्धनारीश्वर मंदिर ,राजराजेश्वरी मंदिर ,गिरजा मंदिर। कंपाउंड से बाहर सचिवालय बिल्डिंग।  नदी के किनारे सुन्दर पक्का घाट। महाराजा रामेश्वर सिंह ने अपने इस ड्रीम लैंड में करोड़ों रुपये से अधिक पौराणिक कला और संस्कृति को दर्शाने के लिए खर्च किये थे। देश के बिभिन्न कोने से आनेवाले इस स्वर्गिक जगह को देखकर प्रशंषा करते नहीं थकते थे। १५ जनबरी १९३४ के दोपहर २ बज कर ४५ मिनट पर यह सपना सा हो  गया।अभी भी इसके मंदिर और भग्नावशेष देखते हीं बनता है। मधुबनी जिला मुख्यालय से राजनगर सड़क मार्ग से जुड़ा है । 





Friday, 9 January 2015

Century Year of Gandhi arrival in Bihar

Gandhiji came Bihar on 9 Jan.1915 from Calcutta by  train and atop at Bankipur station.Stay on the House of Maulana Majhrul Haque at Frasar Road from there they left for Motihari.
Add Mahatma Gandhi with Maharajadhiraj Dr. Sir Kameshwar Singh at Darbhanga.