Friday, 11 May 2012

DREAM BIG & BEAUTIFUL

 मैं अपने शहर को लेकर एक  सपना देखा !! चौरी सड़क ,फूटपाथ  ,सड़क के किनारे लंप पोस्ट ,दोनों तरफ  छोउंह दार  और फूलों का पेड़ , बगल से गुजरती ढकी हुई नाली ,साफ़  सुथरा परिवेश ,कुछ दुरी पर पार्क ,2-3 किलो मीटर पर स्कूल /बाजार प्रांगन / स्वास्थ्य केंद्र /खेल का मैदान ,दुःख -सुख में भाग लेते पडोशी ,सभी घरों में पानी , बिजली ,गैस का कनेक्शन ! धर्मशाला , हर लोगों को काम  और धंधा  !  क्या   आपके आँखों में भी सपने है ? क्या हमने  बड़े सपने देखे ? कलाम  साहेब कहते हैं की बड़े सपने देखो ,छोटा सपना देखना पाप है ! किया   हमारे सपने पूरा नहीं हो सकता ? आखिर  कियों ????